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BHDC-105 Hindi Medium Solved Assignments 2025-26

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BHDC-105 Hindi Medium Solved Assignments 2025-26 Available

बी.एच.डी.सी-105: छायावादोत्तर हिंदी कविता

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Description

BHDC-105 Hindi Medium Solved Assignments 2025-26 Available

खंड – क

1. निम्नलिखित पद्यांशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिये:

क) मीश्री! न बजाओ बंशी मेरा मन डोलता मेरा मन डोलता है जैसे जल डोलता जल का जटाज जैसे पल-पल डोलता माँश्री! न बजाओ बंशी मेरा प्रन टूटता मेरा प्रन टूटता है जैसे तून टूटता तृन का निवास जैसे बन-घन टूटता मौली! न बजाओ बंशी मेरा तन झूमता मेरा तन झूमता है तेरा तन झूमत्ता मेरा तन तेरा तन एक बन झूमता।

ख) मैं न वद जो स्वप्न पर केवल सठी करते. आग में उसको गला लोटा बनाती हूँ, और उस पर नीव रखती हूँ नये घर की, इस तरठ दीवार फौलादी उठाती हूँ।

मनु नही, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है. वाण दी टोते विचारों के नही केवल, स्वप्न के भी साथ हाथ में तलवार होती है।

ग) द्वीप है हम। यह नहीं है शाप। यह अपनी नियति है। टम नदी के पुत्र हैं। बैठे नदी के क्रोढ़ में। वठ वृठद् भूखंड से हम को मिलाती है। और वह भूखंड अपना पितर है।

घ) जी नटी, दिल्लगी की इसमें क्या बात? मैं लिखता ही तो रहता हूँ दिन रात, तो तरह-तरह के बन जाते है गीत. जी, रूठ-रूठ के बन जाते हैं गीत। जी. बदुत ढेर लगा गया, हटाता है गाठक की मर्जी, अच्छा जाता हूँ।

खंड-ख

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए:

2 प्रगतिवाद की अंतर्वस्तु पर विचार कीजिए।

3 प्रयोगवाद की प्रमुख प्रवृत्तियों को रेखांकित कीजिए।

4 समकालीन हिंदी कविता की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

5 अन्ज्ञेय की काव्य-यात्रा के विकास की चर्चा कीजिए।

खंड-ग

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए:

6. नागार्जुन की राजनीतिक कविताओं के निहितार्थ स्पष्ट कीजिए।

7 दिनकर की सामाजिक चेतना पर विचार कीजिए।

8. भवानी प्रसाद मिश्र की काव्य-भाषा पर प्रकाश डालिए।

9 ‘टम से चलेंगे’ कविता का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।

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