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MHD-18 IGNOU Solved Assignment 2025-26 Available
1. दलित साहित्य की अवधारणा को विस्तार से समझाइए।
2. डॉ. अम्बेडकर के मुक्ति संघर्ष के विविध आयामों की चर्चा कीजिए।
3. ‘सत्यशोधक समाज’ के गठन की पृष्ठभूमि बताते हुए उसके सिद्धान्तों का मूल्यांकन कीजिए।
4. प्रेमचंद के दलित पात्र व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करते हुए रचना में किस तरह खड़े होते हैं।
5. दलित साहित्य के लिय अलग सौंदर्यशास्त्र क्यों जरूरी है? बताइए।
8. दलित साहित्य में आत्मकथा एक प्रमुख विधा है। कैसे? समझाइए।
7. सामाजिक गुलामी से आप क्या समझते हैं? यह राजनैतिक गुलामी से किस प्रकार अलग है? चर्चा कीजिए।
8. महात्मा फूले के साथ महाराष्ट्र का समाज किन परिवर्तनों से गुजर रहा था?
8. स्वामी अछूतानन्द के रचनात्मक अवदान को स्पष्ट कीजिए।
10. सामाजिक जागरण में हीरा डोम के योगदान पर प्रकाश डालिए।
11. ‘गुलामगिरी’ पुस्तक द्वारा महात्मा ज्योतिबाफूले ने वर्ण वर्चस्ववाद की कठोर आलोचना की है, इस कथन की विवेचना कीजिए।
12. डॉ. अम्बेडकर के स्त्री मुक्ति चिंतन और स्त्री अधिकारों के लिए संवैधानिक प्रयासों पर विस्तार से टिप्पणी लिखिए।
13. पेरियार ई. वी रामास्वामी नायकर के आत्मसम्मान आंदोलन की क्रांतिकारी भूमिका स्पष्ट करें।
14. दक्षिण भारत में श्री नारायण गुरु के चिंतन से निर्मित हुई स्त्री मुक्ति की चेतना को स्पष्ट कीजिए।



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