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BSAE-182 Solved Assignment 2025-26 Available
1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों का अनुवाद कीजिए।
(1) असाधना वित्तहीना बुद्धिमन्तः सुहृत्तमा । साधयन्त्याशु कार्याणि काककूर्ममृगाखुवत् ।।
(2) अनिष्टादिष्टलाभेऽपि न गतिर्जायते शुभा । यत्रास्ते विषसंसर्गोऽमृतं तदपि मृत्यवे ।।
(3) कङ्कणस्य तु लोभेन मग्नः पड्केः सुदुस्तरे । वृद्धव्याघेण संप्राप्तः पथिकः स मृतो यथा ।।
2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो श्लोकों की व्याख्या कीजिए।
(क) तत्र पूर्वश्चतुर्वर्गो दम्भार्थमपि सेव्यते। उत्तरस्तु चतुर्वर्गो महात्मन्येव तिष्ठति ।।
(ख) गताऽनुगतिको लोकः कुट्टनीमुपदेशिनीम् । प्रमाणयति नो धर्मे यथा गोघ्नमपि द्विजम् ।।
(ग) इज्याऽध्ययनदानानि, तपः सत्यं, धृतिः, क्षमा । अलोभ इति मार्गोऽयं धर्मस्याष्टविधः स्मृतः ।।
3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर लिखिए।
(1) वृद्ध-व्याघ्र और लोभी-पथिक की कथा अपने शब्दों में लिखें।
(2) नीति कथाओं के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालिए।
(3) आचार्य चाणक्य का व्यक्तित्व एवं कृतित्व लिखिए।
4. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए।
(क) हितोपदेश
(ख) चाणक्यनीति
(ग) अम्बिकादत व्यास
(घ) बाणभट्ट



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