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BCOC-135 Hindi Medium Solved Assignment 2025-26 Available
खण्ड- क
1. ‘कम्पनी शाश्वत उत्तराधिकार वाली और विधि द्वारा निर्मित एक कृत्रिम व्यक्ति है और जिस सदस्यों से यह बनती है उनके व्यक्तित्व से भिन्न होती है। टिप्पणी कीजिए।
2.निजी कम्पनी की परिभाषा कीजिए। निर्जी कम्पनी तथा सार्वजनिक कम्पनी में अन्तर स्पष्ट कीजिए। निजी कम्पनी को सार्वजनिक कम्पनी में परिवर्तित करने की विधि बताइए।
3. निगमन का प्रमाण-पत्र इस बात का निश्चायक प्रमाण है कि कम्पनी अधिनियम द्वारा निर्धारित कम्पनी के निर्माण सम्बन्धी सभी आवश्यकताएं पूरी कर ली गई है स्पष्ट कीजिए।
4. सीमानियम से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए सीमानियम में शामिल विभिन्न खंडों की सूची बनाइए। (
5.शेयरों को जब्त करने की विधि की व्याख्या कीजिए। जब्ती का क्या प्रभाव होता है?’ शेयरों की जब्ती शेयरों के अभ्यर्पण से किस प्रकार भिन्न होती है?
खण्ड-ख
6. निदेशकों की नियुक्ति के सम्बन्ध में कम्पनी अधिनियम द्वारा क्या प्रतिबन्ध लगाए गए हैं?
7. अधिकरण द्वारा कम्पनी के समापन की व्याख्या कीजिएण
8. 9 वार्षिक साधारण सभा का क्या महत्व है? इस सभा में सामान्यतः क्या-क्या कार्य किए जाते हैं?
9. प्रतिभूतियों के प्राइवेट प्लेसमेंट से आप क्या समझते हैं। शेयरों के प्राईवेट प्लेसमेंट की शर्तों की चर्चा कीजिएण (6)
10. व्हिसल ब्लॉइग से आप क्या समझते है? उस व्यक्ति को क्या सुरक्षा उपलब्ध है जो प्रकटीकरण करते हैं? (6)
खण्ड-ग
11.शक्तिबाह्य सिद्धान्त को उपयुक्त उदाहरण दे कर समझाइए।
12. सीमानियम तथा अन्तर्नियम में क्या अन्तर है?
13. नियंत्रक कम्पनी और नियंत्रित कम्पनी में भेद कीजिए। किसी कम्पनी को दूस्मी कम्पनी की नियत्रित कम्पनी कब कहा जा सकता है? व्याख्या कीजिए।
14. “प्रवर्तक तो कम्पनी का एजेंट है और न ही न्यासी परन्तु उसकी कम्पनी के प्रति वैश्चासिक स्थिति होती है।’ इस कथन को स्पष्ट कीजिए



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