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BHDC-103 Hindi Medium Solved Assignments 2026 Available
भाग-1
1. निम्नलिखित पद्याशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिए:
(क) गोरी सोवै सेज पर मुख पर हारे केसण चल खुसरो घर आपने रैन भई चहुँ देस॥ [[सरो रैन सोहाग की, जागी पी के संग। तन मेरो मन पिऊ को बोऊ भए एक रंग ॥
(ख) हम न मरें मरिहै संसारा। हमको मिला जिआबनहारा ।। साकत मरहिं संत जन जीवहिं, भरि भरि राम रसाइन पीवहिं । हरि मरहिं तो हमहूँ मरिहैं, हरि न मरै हम काहे कौ मरिहैं। कहै कबीर मन मनहिं मिलावा अमर भया सुखसागर पावां ।।
(ग) अखियां हरि-दरसन की प्यासी। देख्यौ चाहत कमलनैन कौ, निसि दिन रहति उदासी ।। आए चूधौ फिरि गए आगन, डारि गए फांसी। केसरि तिलक मोतिन की माला, वृन्दावन के बार्स ।। काहू के मन को कोउ न जानत, लोगन के मन हांसी। सूरदास प्रमु तुम्हरे दरस को करयत लैहों कासी ।।
(घ) खेती न किसान को, भिखारी को न भीख, बलि, बनिक को बनिज, न चाकर को चाकरी। जैविका विहीन लोग सीदमान सोच बस, कहै एक एकन सो, कहाँ जाई, का करी? बेदहूँ पुरान कही, लोकहूँ बिलोकिअत, सौं सबै पै, राम! रावर कृपा करी।
भाग-2
2 तुलसीदास की भक्ति में प्रेम के महत्व की विवेचना कीजिए।
3. रहीम लोक जीवन के पारखी थे। इस कथन की समीक्षा कीजिए।
4. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए
क. मीराबाई की भक्ति भावना
ख. सतसई परम्परा और बिहारी सतसई
भाग-3
5 रसस्वान की भक्ति भावना की विशिष्टताओं का सोदाहरण सत्ल्लेश्व कीजिए।
6. सूर के काव्य न ब्रज का लोकजीवन किन रुपों में आया है? सोदाहरण उल्लेख कीजिए।
7. निम्नलिखित विषयों पर टिप्पणी लिखिए
(क) जायसी की भाषा और काव्य सौंदर्य
(ख) विद्यापति का काव्य सौदर्य



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