Description
BHDE-144 Hindi Medium Solved Assignments 2025-26 Available
खंड-क
निम्नलिखित पद्यांशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिए:
(क) मनन करावेगी तू कितना ? उस निश्चिंत जाति का जीव, अमर मरेगा क्या? तू कितनी गहरी डाल रही है नींव । आह घिरेगी हृदय – लहलहे खेतों पर करका-घन-सी, छिपी रहेगी अंतरतम में, सब के तू निगूढ़ धन सी ।
(ख) दिवसावसान का समय मेघमय आसमान से उतर रही है वह संध्या- सुंदरी परी-सी धीरे धीरे धीरे, तिमिरांचल में चंचलता का नहीं कहीं आभास, मधुर-मधुर हैं दोनों उसके अधर -किंतु गंभीर नहीं है उनमें हास-विलास ।
ग) छोड़ द्रुमों की मृदु छाया, तोड़ प्रकृति से भी माया, बाले। तेरे बाल जाल में कैसे उलझा दूँ लोचन? भूल अभी से इस जग को!
(घ) जाग तुझको दूर जाना जाग तुझको दूर जाना चिर सजग आँखे उनींदी आज कैसा व्यस्त बाना! जाग तुझको दूर जाना!
खंड-ख
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए।
2. छायावाद की अन्तर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।
3. जयशंकर प्रसाद के काव्य में नारी भावना के सौन्दर्य को स्पष्ट कीजिए।
4. निराला के काव्य में सांस्कृतिक और सामाजिक नवजागरण पर चर्चा कीजिए।
5. सुमित्रानंदन पंत की काव्य चेतना के विकास को समझाइए।
खंड-ग
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए।
6. महादेवी वर्मा के काव्य सौन्दर्य पर चर्चा कीजिए।
7. जयशंकर प्रसाद के काव्य इतिहास एवं संस्कृति पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।
‘निराला’ काव्य के रचना-विधान को समझाइए।
‘पंत’ के काव्य में जीवन दर्शन को स्पष्ट कीजिए।



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