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MHD-21 IGNOU Solved Assignment 2025-26 Available
1. निम्नलिखित काव्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए
(क) जोगिया छाई रह्या परदेस।
अब का बिछड्या फेर न मिलिया, बहोरि न दियो संदेस ।। या तन ऊपर भसम रमाऊँ, खार करूँ सिर केस ।। भगवीं भेष धरू तुम कारण, हूँ हूँ चारू देस ।। 88 मीरा के प्रभु गिरधरनागर जीवनि जनम अनेस ।।
(ख) कठण लगन की पीर रे, हरि लागी सोई जाने। प्रीत करी कछु रीत न जाणी, छोड़ चले अघबीच ।। दुख की बेला कोई काम न आवे, सुख के सब हैं मोत ।। मीरा के प्रभु गिरधरनागर, यावर जात अहीर।।
(ग) अँखियों कृष्ण मिलन की प्यासी। आप तो जाय द्वारका छाये, लोक करत मेरी हँसी ।। आम की डार कोयलिया बोलै, बोलत सबद उदासी ।। मेरे तो मन (अब) ऐसी आवै, करवत लेहाँ कासी ।। मीरा के प्रभु गिरधरनागर, चरणकमल की दासी ।।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए:
(i) मीरायुगीन सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का विवेचन कीजिए।
(ii) मीरा के विद्रोह के विविध पक्षों पर विचार कीजिए।
(iii) मीरा की काव्यकला पर प्रकाश डालिए।
3. निम्नलिखित विषयों में से प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणी लिखिए :
(i) चित्तौड़गढ़ में मीरा का जीवन
(ii) हिन्दी साहित्य के इतिहास ग्रंथों में मीरा
(iii) मुक्ताबाई
(iv) मीरा की विरह वेदना
(v) मीरा और आंदाल की भक्ति



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